ये झरने …………….

ये झरने कल-कल करते,
बह रहे हैं,
ये नदियां भी आज,
इतराती हुई,
अपनी मस्ती में बह रही हैं,
क्यों कि इस जिंदगी को,
सहारा मिल गया है,
जो जिंदगी को नए मोड़ पर,
ले जा रहा है,
ये झरने ……………………..
हवा का रुख भी,
आज अलग ही है,
परिन्दे भी नया,
गीत गा रहे हैं,
क्यों कि इस दिल को,
प्यार हो गया है,
किसी खास का.
इस दिल पर,
जोर चल गया है,
ये झरने ………………………
आज सूरज भी,
अठखेलिया करते हुये,
निकल रहा है,
सवेरा भी बड़ा ,
खुशनुमा हो रहा है,
क्यों कि इस दिल में,
नया फूल खिल रहा है,
इस जिंदगी को प्यार का,
बागबान मिल गया है,
ये झरने …………………..
नई कलियां आज,
खिलने को बेताब है,
फूल भी गजब की खुशबू,
इस जिंदगी में,
फैल रहे हैं,
क्यों कि इस जिंदगी में,
नया बसंत आ रहा है,
इस जिंदगी की बगिया को,
कोई महका रहा है,
ये झरने ……………………..
जिंदगी की राहें भी आज,
खूब-सूरत लगने लगी है,
क्यों कि जिंदगी के,
सफर में,
कोई हम सफर बन गया है,
इस मासूम से दिल को,
प्यार हो गया है,
ये झरने …………………………..

ये क्या ………………

ये क्या हो गया है मुझे,
तेरी मेरी दोस्ती,
बदल गयी है प्यार में,
दिन बीतने लगे हैं,
तेरे इंतज़ार में,
रातें कटने लगी है,
तेरे ख्वाब में,
ज़िन्दगी गुजरने लगी है,
तेरे एतबार में,
ये क्या …………………….
झूम के नाचने लगा हूँ,
जश्न-ए-बहार में,
फूल भी खिलने लगे हैं,
गुल-ए-गुलज़ार में,
अब नहीं लगता,
कि अटक गयी है,
नाव मेरी मजधार में,
फँस गया है,
मन का मुसाफिर,
प्यार के जंजाल में,
ये क्या ……………………….
मन उलझा जाता है,
प्यार के,
मुश्किल सवाल में,
बस तू ही,
बस गयी,
मेरे हर इक खयाल में,
ढूँढता रहता हूँ.
पढ़ता रहता हूँ,
तेरा ही हर्फ,
हर किताब में,
ये क्या ………………………..
जवाब मिलता है,
मुझे सिर्फ तेरा,
हर इक सवाल में,
दिखता है सिर्फ,
तेरा ही अक्स,
मेरे हर हाल में,
ओर किसका है साथ,
तेरे सिवा मेरे,
इस कायनात में,
ये क्या हो गया है मुझे …………..

रास्ते ……………

रास्ते खुद ही चल पड़ेंगें,
जब हम मंजिल,
कि तरफ बढेंगें,
चाहे रास्ते में,
कितने भी कांटे आये,
उन्हें हम फूल समझ कर,
आगे बढ़ जाएंगें,
रास्ते ………………………
मंजिल कितनी भी,.
दूर क्यों न हो,
जब हम मंजिल की तरफ,
कदम बढ़ाएंगें,
तो मंजिल को,
खुद ही करीब पाएंगे,
रास्ते ……………………….
रास्ते के कांटे भी,
हमारी ताक़त बनेगें,
हमारे सपनो की बुनियाद को,
और मजबूत करेंगें,
इस हौसले की वजह से,
हमारे और मंजिल के बीच,
फासले मिट जाएेंगे,
रास्ते ………………………….
गर किसी ‘पहाड़’ ने,
जुर्रत की,
रास्ता रोकने की,
तो हम ‘पहाड़’ को भी,
मिट्टी में मिला देंगे
ये जवानी का जोश है,
हम रास्ते की,
दीवारों को गिरा देंगे,
रास्ते ……………………………

ये राहें ………………..

ये राहें,
कितने हसीन सफर पर,
ले जाती है, ये राहें,
अनजानी राहों से,
मिला देती है, ये राहें,
मैं अकेला ही खड़ा था,
एक मोड़ पर,
उस मोड़ पर,
तू मुझे मिल गयी,
गमगीन को भी,
खुशियाँ दिलाती है,
ये राहें……………………
जब राहों पर,
चलने लगते हैं,
तो दूरियां मिटा देती है, ये राहें,
कभी किसी हमसफ़र से,
मिला देती है,
किसी बेगाने को भी,
अपना बना देती है,
ये राहें ……………………..
कभी कांटो पर चलाती है,
तो कभी फूलों का,
ऐहसास कराती है, ये राहें,
नफरत मिटाने का मौका देती है,
प्यार भी बढ़ाती हे ,
ये राहें ………………………..
राह में दूसरी राह मिले,
तो वो दोराहा हो जाता है,
राह में तुझ जैसी,
हमसफ़र मिले,
तो सहारा हो जाता है,
कितने हसीन सफर पर,
ले जाती है,
ये राहें ………………………

लापता …………….

लापता हो गया है मेरा दिल,
ढूँढने निकल पड़ा है मंजिल,
तेरी यादों के घेरे ने,
जकड़ रखा है मुझे,
इन यादों से निकलने में,
दिल को होती है,
बड़ी मुश्किल,
लापता ………………………
ज़िन्दगी की हिचकोले खाती,
डूबती हुई नाव,
ढूँढने लगी है साहिल,
अब ज़िंदगी के सफर पर,
तू मुझसे आकर कहीं मिल,
लापता ………………………….
दिल मेरा कहीं,
लगता ही नहीं,
दिल की बाते भी,
दिमाग के बस में है नहीं,
तु बस गयी है,
दिल में,
अजीब बातें होने लगी है,
दिल के साथ आज-कल,
लापता …………………………
अब ना दिल पर,
जोर है,
ना दिमाग पर काबू है मेरा,
मस्ती में खोया हुआ चलता हूँ,
तो लोग कहते हैं मुझे,
आवारा, दीवाना, पागल,
लापता ……………………………..

दिल को तूने …………

दिल को तूने,
बना दिया है चिराग,
तेरे साथ के बिन,
ये जलता ही नहीं,
तेरी याद के बिन,
ये संभलता ही नहीं,
तेरे साथ होने के,
ऐहसास से ही,
ये दिल होता है बाग़ ब़ाग,
दिल को तूने ………………..
तेरे मेरे दिल की,
महफिल में आने से,
ये दिल हो गया है रोशन,
अब लगने लगा है,
इसस बेरंग दुनिया में,
मेरा मन,
तेरे साथ न होने से,
दिल में जलती है,
तेरी यादों की आग,
दिल को तूने …………………..
दिल मेरा बन गया है,
तेरी शमा का परवाना,
तूने इस रोते हुए दिल को,
सिखा दिया है हंसना,
तेरे मेरे दिल में,
रहने से ही,
ये दिल हुआ है पाक,
दिल को तूने …………………
तेरी याद के बिन,
ना मेरी शाम होती है,
ना होती मेरी सुबह है,
तुमसे जुड़ गयी,
इस कदर मेरी रूह है,
तुमने इस बेकार जिन्दगी को,
कर दिया हे बेदाग,
दिल को तूने …………………

प्यार के कीड़े ने ………….

प्यार के कीड़े ने,
इस दिल पर,
काट खाया है,
आज तुमने सारी रात,
मुझे नींद से उठाकर,
अपनी यादों की,
आग में जलाया है,
दोस्ती के पानी में,
मस्ती करते हुये,
मैंने अपने आप को,
प्यार की नदी में बहाया है,
प्यार के कीड़े ने ……………….
तुम्हें देखते ही मैंने,
इस दिल में प्यार का,
जहाँ बसाया है,
ये दिल आज प्यार का,
समन्दर में नहाया है,
तु मेरे दिल में,
खुशबू की तरह समाया है,
प्यार के कीड़े ने ……………….
ये दिल हो चुका है,
प्यार के घोड़े पर सवार,
तुमने दिल को,
कर दिया है बीमार,
मोहब्बत इस हसीन दिल के,
ऐहसासो की दवाइयां है,
प्यार के कीड़े ने …………………
मेरे दिल के मौसम में,
आई हे तेरी ही बहार,
चले हम जमाने से कहीं दूर,
और करें एक दूजे से प्यार,
रोते हुए दिल को,
आज तुमने हँसाया है,
प्यार के कीड़े ने ………………..

कभी ………………

कभी खुद के ऊपर,
हँसना भी बेहतर होता है,
कभी मीठे पानी से,
बेहतर समन्दर होता है,
खुद को हार कर,
दिलों को जीतने वाला ही,
सही मायनों में,
सिकन्दर होता है,
कभी ………………………
दुनिया में दुःख हैं,
तो सुख भी कम नहीं,
आज से बेहतर,
कोई और वक़्त नहीं,
हवाऐं चलती हैं,
जिंदगी में कई तरह की,
कभी धीमी हवाओं से बेहतर,
बवंडर होता है,
कभी ……………………….
इन्सान कभी सबको लेकर,
चलता है साथ,
कभी खा जाता है,
अपनों से ही मात,
होता नहीं कभी कभी,
मेहनत के मुताबिक़ काम,
कभी मेहनत से ऊपर,
मुकद्दर होता है,
कभी …………………………

तुम को ……………..

तुम को दिल,
दे दिया मैंने,
तुम को इतनी भी,
खबर नहीं कि,
खुद को तेरे नाम,
कर दिया मैंने,
तेरी राहों में,
बन के जोगी,
घूमता हूँ मैं,
तुम को ……………………
तुम को मैं,
नींद में भी,
भुला न पाता हूँ,
ख्वाबों में खुद को,
तेरे करीब पाता हूँ,
तेरा नाम,
खुद के साथ,
जोड़ लिया मैंने,
तुम को ………………………
तुम को ही चाहा,
तुम को ही पाया है,
तेरे नशे में,
डूब कर मैंने,
ये जहाँ भुलाया है,
तेरे हर दर्द को भी,
खुद का मान लिया मैंनें,
तुम को ………………………

तुम हो ……………

तुम हो मेरी जान,
मैं तुझ पे कुरबान,
तुम हो मेरे नाम,
मैं हूं तेरी पहचान,
तुम हो ……………………
काबिल भी हूं तेरे,
तुझ में शामिल भी हूं,
तुम हो शोहरत मेरी,
मैं हूं तेरी शान,
तुम हो ………………………
यादो में तेरी खोकर,
बहक जाता हूँ,
दूर कहीं किसी,
सफर पर निकल जाता हूँ,
मैं हूं मुसाफिर,
तुम हो मेरी राह,
तुम हो ……………………..
तुम हो मेरी तमन्ना,
तुम ही हो मेरी आरज़ू,
तुम ने खत्म कर दी है,
मेरी जिंदगी से ज़ुस्तजू,
मैं हूँ ख्वाहिश तेरी,
तुम हो मेरी चाह,
तुम हो ………………………..

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