आँसू ………

आँसू आँखों का,
पानी नहीं,
ये जज़्बातों का,
समन्दर है,
कोई अगर बहाता है,
आँसू मेरे लिये,
ये मेरा,
मुकद्दर है,
आँसूओं की बूंद,
मोती हैं आँखों के,
इन्हें बेज़ा न बहाओ,
क्यों कि हर कोई,
करता नहीं,
इनकी कद्र है,
आँसू ………………………….
कुछ बातें,
जता सकते नहीं,
हर किसी को,
निकलती है,
वो बात कभी,
आँखों से ही,
जो दबी मन के अंदर है,
आँसू …………………………..

जमाने में ……..

जमाने में,
सब बेकार है,
सारे जहाँ से बेहतर,
तेरा मेरा प्यार है,
बहक जाता हूं,
चलते चलते,
कुछ ऐसा,
तुमसे मोहब्बत का,
खुमार है,
जमाने में ………………
साथ तेरे जीने की,
तैयारी है,
रोज तुमसे मिलने की,
बे-करारी है,
एक पल भी,
लगे सदी जैसा,
ऐसा तेरा इन्तज़ार है,
जमाने में ………………..
पाकर तुझे,
सब भूल गया हूं,
दिल मेरा कहता है,
बस तू ही,
यार है,
जमाने में …………………..

चल रहा हूं ……………….

चल रहा हूं,
वक्त के साथ,
पर मेरी दुनिया,
वहीं की वहीं है,
जी तो रहा हूं,
गम बस इतना है,
कि साथ तू नहीं है,
चल रहा हूं ………………
खो दिया दिल,
साथ तेरे ही,
अब ज़िस्म में,
बस सांसे ही,
बाकी रही है,
चल रहा हूं ……………….
सोचता हूं कि,
आयेगी तू वापस कभी,
इन्तज़ार करता रहता हूं,
मैं तेरा,
पर घड़ी तो है वहीं,
जी तो रहा हूं,
तेरे बिन,
बस जीने की,
ख्वाहिश नहीं है,
चल रहा हूं …………………

सारी उम्र ……..

सारी उम्र,
चाहा तुम्हें,
पर कभी,
कह न पाया,
दिल में था दर्द,
तेरे लिये,
पर कभी,
बता न पाया,
जिन्दगी के,
इस मोड़ पर,
मिलें हैं वापस,
तन्हा ही,
तो सोचता हूं,
कि खुदा ने भी,
कुछ सोचकर ही,
हमें वापस मिलाया,
सारी उम्र…………….
दिखता न था,
कोई छोर जीवन का,
पर आज एक,
उजाला नजर आया,
भेजा है खुदा ने,
तुझे फिर से,
जिन्दगी में मेरी,
बना कर एक,
खूबसूरत साया,
सारी उम्र………………..

तेरी हर बात ……….

तेरी हर बात,
सही लगती है,
कभी तू रूठ कर,
ना बोले मुझ से,
तो किसी बात की,
कमी लगती है,
चल रही है,
साथ मेरे,
बन के परछाई,
ज़िन्दगी के सफर पर,
जैसी तू,
पहली बार दिखी थी,
आज भी वही लगती है,
तेरी हर बात ………………….
सुख हो या दु:ख,
हर दम तू साथ है,
मैं कुछ बोलूं
या न बोलूं,
पर तुझ में,
कुछ तो बात है,
दुनिया की,
हर  खुशी से बेहतर,
तेरी   हंसी लगती है,
तेरी हर बात …………………

तू है …………..

तू है हकीकत,
या है ख्वाब तू,
समझ न पाया हूँ,
फिर भी ऐतबार तू,
बदल गया हूं मैं,
पहले से,
खुद का भी,
होश नहीं,
हर पल है,
तेरी आरज़ू,
तू है ……………………
दिल की,
तंग गलियों में,
नाम हो गया है तेरा,
लिख लिया है,
दिल पर मैंने,
तेरे साथ का मोजूं,
तू है ……………………
खयालों में तेरे,
सब भूल जाता हूं,
सोचकर तुझे,
मिलता है सुकून,
तू है ………………………

मैं जहाँ रहूं ……………..

मैं जहाँ रहूं,
तू वो जहाँ है,
तेरे साथ,
गुजरा एक पल भी,
लगे जैसे कोई,
दास्तान है,
तू ही है,
दुनिया मेरी,
साथ तेरे चलने से,
चल रहा साथ मेरे,
खुशियों का कारवां है,
मैं जहाँ रहूं ……………..
मन में,
तेरी ख्वाहिश है,
साथ तेरे जियूं ज़िन्दगी,
यही खुदा से,
गुज़ारिश है,
बरसा दे,
बारिश प्यार की,
मन में हसरतें,
बे- इन्तहा है,
मैं जहाँ रहूं …………………

कैसा ये ……………

कैसा ये मेरे,
चारों ओर साया है,
जब से मैंने,
तुम्हें पाया है,
लगती है करीब,
हर पल तू मुझे,
परछाई में मेरी,
अक्स तेरा देखकर,
मैंने ये,
जहाँ भुलाया है,
कैसा ये …………………
जुड़ गया हूं,
मैं तुमसे,
इस कदर कि,
तेरी याद के बिना,
जो वक्त गुजरे,
वो पल भी,
लगता ज़ाया है,
कैसा ये …………………
जब ना मिला था तुमसे,
तब था मैं,
खुद से ही दूर,
तुमने ही मुझे,
खुद से मिलाया है,
कैसा ये …………………..

मैं हिरण, तू कस्तूरी ……..

मैं हिरण,
तु कस्तूरी,
और दुनिया एक वन है,
मैं जाता हूँ,
जिधर भी,
आती तेरी ही सुगन्ध है,
ढूंढ़ता हूं मैं,
तुझे दर-ब-दर,
जब की तू,
मुझ में ही है बसी,
यही तो इस मन की,
उलझन है,
मैं हिरण ……………………
उछलता फिरता हूं,
कुलांचे मारता रहता हूँ,
और रखता हूँ,
हर पल तुम्हें,
अपने जहन में,
तेरा मेरा मिलन तो जैसे,
नदी का सागर से,
संगम है,
मैं हिरण ……………………

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