खुदा ने …………………………

खुदा ने बड़ी फुर्सत से,
तुझे बनाया है,
तेरे काले बाल,
जैसे सावन के,
बादलों की छाया है,
आंखो में तेरी,
मैं डूब जाता हूं,
जैसे ये मय का प्याला है,
खुदा ने …………………………
आफताब भी जैसे तेरा,
एक सरमाया है,
माहताब भी जैसे तेरी,
आंख का एक तारा है,
तेरे बालों पर,
पानी की एक बूंद,
जैसे समन्दर का किनारा है,
खुदा ने …………………………
तू चलती है ऐसे,
जैसे बहती जल की धारा है,
तेरे हुस्न की चमक,
जैसे कोहिनूर का हीरा है,
खुदा ने …………………………

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