प्यार मुझे …………………….

प्यार मुझे,
कुछ यूं हुआ,
कि वो गुजरी,
करीब से मेरे,
और मैं देखता रह गया,
मुँह पर उस के,
पानी की एक बूंद,
जो देखी,
तो मैं प्यार की नदी में,
बह गया,
प्यार मुझे …………………….
बात की उस से तो,
मन मेरा,
प्यार की डगर पर,
चल निकला,
रोशनी पड़ी जो,
उस के चेहरे की मुझ पर,
तो दिल में मेरे,
प्यार का फूल खिला,
उस ने इस कदर,
मेरे दिल को छुआ,
प्यार मुझे ……………………

प्यार ………………………

प्यार किया नहीं जाता,
प्यार तो बस,
हो जाता है,
मन का पंछी,
किसी के नैनों से,
शिकार हो जाता है,
तू अगर पढ़ सके,
तो पढ़ ले,
इन आँखों को,
वैसे हर किसी का,
हाल-ए-दिल,
हर कोई,
ना समझ पाता है,
प्यार ………………………
दिल मेरा जुड़ गया है,
उस से इस कदर,
कि न चाहते हुए भी दिल,
उस की तरफ,
खिंचा चला जाता है,
दिल उस के बिन,
एक पल भी,
ना रह पाता है,
प्यार …………………….

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