तन में मेरे …………………..

तन में मेरे,
तू रूह है,
तेरे होने से ही,
जिंदा हूं मैं,
मुझ में बस,
तू ही मौजूद है,
तराना गाने लगा हूं,
जीने का,
चेहरे पर चमका,
प्यार का नूर है,
तन में मेरे …………………..
रगों में मेरी,
तेरी बातें हैं,
दिल और दिमाग पर छाई,
तेरे साथ,
यादें हैं,
मुझ पर चढ़ा,
तेरा सुरूर है,
तेरे साथ से,
दुनिया लगने लगी है जन्नत,
तू एक हूर है,
तन में मेरे …………………..

खयाली पुलाव ………………….

खयाली पुलाव,
बना रहा है तू,
पर इस से,
क्या फायदा,
बिन मेहनत के तो,
बिगड़ जायेगा,
ज़िन्दगी का ज़ायका,
ना हो पायेगा,
कुछ भी,
इस तरह से,
और फेल जायेगा,
ज़िन्दगी में रायता,
खयाली पुलाव ………………….
ना जी तू,
यूं खयालों में,
कर ले तय मंजिल,
और आग जला ले,
दिल की मशालों में,
सीख ले तू,
कामयाबी का कायदा,
खयाली पुलाव ………………….

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