तन में मेरे …………………..

तन में मेरे,
तू रूह है,
तेरे होने से ही,
जिंदा हूं मैं,
मुझ में बस,
तू ही मौजूद है,
तराना गाने लगा हूं,
जीने का,
चेहरे पर चमका,
प्यार का नूर है,
तन में मेरे …………………..
रगों में मेरी,
तेरी बातें हैं,
दिल और दिमाग पर छाई,
तेरे साथ,
यादें हैं,
मुझ पर चढ़ा,
तेरा सुरूर है,
तेरे साथ से,
दुनिया लगने लगी है जन्नत,
तू एक हूर है,
तन में मेरे …………………..

खयाली पुलाव ………………….

खयाली पुलाव,
बना रहा है तू,
पर इस से,
क्या फायदा,
बिन मेहनत के तो,
बिगड़ जायेगा,
ज़िन्दगी का ज़ायका,
ना हो पायेगा,
कुछ भी,
इस तरह से,
और फेल जायेगा,
ज़िन्दगी में रायता,
खयाली पुलाव ………………….
ना जी तू,
यूं खयालों में,
कर ले तय मंजिल,
और आग जला ले,
दिल की मशालों में,
सीख ले तू,
कामयाबी का कायदा,
खयाली पुलाव ………………….

बिन तेरे ……………………..

बिन तेरे ज़िन्दगी में,
अंधेरे हैं,
जाने कहाँ खो गये,
खुशियों के सवेरे हैं,
दिखाई देती नहीं,
ज़िन्दगी की मंजिल तेरे बिन,
अब बस तेरी राह,
ताकती रहती,
मेरी नज़रें हैं,
बिन तेरे ……………………..
कहा जाऊं,
तुझे भुला कर,
हर जगह तू ही,
आती है नज़र,
आंखो में मेरी,
कई लम्हे तेरे हैं,
यादों में मेरी,
तेरे ही बसेरे हैं,
बिन तेरे ……………………..
अकेला ही चल रहा हूं,
ज़िन्दगी की राहों में,
भटकता फिर रहा हूँ,
जीवन के किनारों में,
ऐसा लगता है जैसे,
खो गये ज़िन्दगी के,
सहारे हैं,
बिन तेरे ……………………..

प्यार मुझे …………………….

प्यार मुझे,
कुछ यूं हुआ,
कि वो गुजरी,
करीब से मेरे,
और मैं देखता रह गया,
मुँह पर उस के,
पानी की एक बूंद,
जो देखी,
तो मैं प्यार की नदी में,
बह गया,
प्यार मुझे …………………….
बात की उस से तो,
मन मेरा,
प्यार की डगर पर,
चल निकला,
रोशनी पड़ी जो,
उस के चेहरे की मुझ पर,
तो दिल में मेरे,
प्यार का फूल खिला,
उस ने इस कदर,
मेरे दिल को छुआ,
प्यार मुझे ……………………

प्यार ………………………

प्यार किया नहीं जाता,
प्यार तो बस,
हो जाता है,
मन का पंछी,
किसी के नैनों से,
शिकार हो जाता है,
तू अगर पढ़ सके,
तो पढ़ ले,
इन आँखों को,
वैसे हर किसी का,
हाल-ए-दिल,
हर कोई,
ना समझ पाता है,
प्यार ………………………
दिल मेरा जुड़ गया है,
उस से इस कदर,
कि न चाहते हुए भी दिल,
उस की तरफ,
खिंचा चला जाता है,
दिल उस के बिन,
एक पल भी,
ना रह पाता है,
प्यार …………………….

एक पल भी ………………….

एक पल भी,
नहीं कटता तेरे बिन,
ये ज़िन्दगी कैसे कटेगी,
ज़िन्दगी ठहर गयी,
है तेरे बिन,
लगता है,
ये यूं ही रुकी रहेगी,
एक पल भी ………………….
आंखो से आंसू,
बहते हैं,
याद में तेरी,
एक दिन ये,
नदियां बनेगी,
ये बहाव ही,
मेरी तुमसे बात कहेगी,
एक पल भी ………………….
सफर है बहुत लम्बा,
जीवन का,
बिन तेरे कैसे होगा पूरा,
तन्हा ज़िन्दगी में,
है बहुत दर्द,
मैं हूं दुनिया में,
तेरे बिन अधूरा,
तू मेरी ये बात,
कब सुनेगी,
एक पल भी ………………….

खुदा ने …………………………

खुदा ने बड़ी फुर्सत से,
तुझे बनाया है,
तेरे काले बाल,
जैसे सावन के,
बादलों की छाया है,
आंखो में तेरी,
मैं डूब जाता हूं,
जैसे ये मय का प्याला है,
खुदा ने …………………………
आफताब भी जैसे तेरा,
एक सरमाया है,
माहताब भी जैसे तेरी,
आंख का एक तारा है,
तेरे बालों पर,
पानी की एक बूंद,
जैसे समन्दर का किनारा है,
खुदा ने …………………………
तू चलती है ऐसे,
जैसे बहती जल की धारा है,
तेरे हुस्न की चमक,
जैसे कोहिनूर का हीरा है,
खुदा ने …………………………

तू मेरी ………..

तू मेरी ज़िन्दगी का,
हर पल है,
तुमसे ही आज,
तू ही मेरा कल है,
मैं हूं समन्दर,
तू जल है,
ज़िन्दगी नहीं है आसान,
तेरे बिन,
मेरी ज़िन्दगी है मुश्किल,
तू उस का हल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी है सागर का साज,
मैं हूं तैरता जहाज,
तू साहिल है,
तेरी बातें,
हिलोरें मारती लहर है,
तू करती कल-कल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी में मेरी,
तूने मचायी हल-चल है,
तेरे साथ ही,
मेरा जीवन सफल है,
तू मेरी ……………………..

तुमसे ही ……………………….

तुमसे ही मैं हूँ,
मुझसे ही तुम हो,
एक दूजे के बिन,
दोनों हैं ,
जैसे किसी अनजानी दुनिया में,
कहीं गुम हो,
तुमसे ही ……………………….
बजते हैं दिल में,
प्यार के तार,
मेरे मन पर है,
तेरी ही सरकार,
तेरे प्यार में,
बहकता हूँ कुछ ऐसे,
जैसे लगी कोई धुन हो,
तुमसे ही ……………………..
धड़कता है दिल,
तेरी वजह से,
उड़ने लगा है मन,
तेरी शह से,
ऐसा लगता है मुझे,
जैसे दिल में मेरे,
तेरा खून हो,
तुमसे ही ………………………..

तन मेरा …………………..

तन मेरा,
तू परछाई है,
कुछ इस तरह,
तू मुझ में समायी है,
तू बातों में,
तू यादों में,
तू हरदम है,
मेरे साथ,
मुझे गवांया है,
मैंने खुद से ही,
बस तेरी मोहब्बत,
कमाई है,
तन मेरा ……………………….
खोया रहता हूँ,
प्यार में तेरे,
सुबह-ओ-शाम,
नैंनों में तेरे,
डूब गया हूँ,
कर दिया हे मैंने,
खुद को तेरे नाम,
साथ ही धड़कन भी,
गवांयी है,
तन मेरा ………………………..

1 2 3 19

hits counter