एक पल भी ………………….

एक पल भी,
नहीं कटता तेरे बिन,
ये ज़िन्दगी कैसे कटेगी,
ज़िन्दगी ठहर गयी,
है तेरे बिन,
लगता है,
ये यूं ही रुकी रहेगी,
एक पल भी ………………….
आंखो से आंसू,
बहते हैं,
याद में तेरी,
एक दिन ये,
नदियां बनेगी,
ये बहाव ही,
मेरी तुमसे बात कहेगी,
एक पल भी ………………….
सफर है बहुत लम्बा,
जीवन का,
बिन तेरे कैसे होगा पूरा,
तन्हा ज़िन्दगी में,
है बहुत दर्द,
मैं हूं दुनिया में,
तेरे बिन अधूरा,
तू मेरी ये बात,
कब सुनेगी,
एक पल भी ………………….

तू मेरी ………..

तू मेरी ज़िन्दगी का,
हर पल है,
तुमसे ही आज,
तू ही मेरा कल है,
मैं हूं समन्दर,
तू जल है,
ज़िन्दगी नहीं है आसान,
तेरे बिन,
मेरी ज़िन्दगी है मुश्किल,
तू उस का हल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी है सागर का साज,
मैं हूं तैरता जहाज,
तू साहिल है,
तेरी बातें,
हिलोरें मारती लहर है,
तू करती कल-कल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी में मेरी,
तूने मचायी हल-चल है,
तेरे साथ ही,
मेरा जीवन सफल है,
तू मेरी ……………………..

कैसा ये ……………

कैसा ये मेरे,
चारों ओर साया है,
जब से मैंने,
तुम्हें पाया है,
लगती है करीब,
हर पल तू मुझे,
परछाई में मेरी,
अक्स तेरा देखकर,
मैंने ये,
जहाँ भुलाया है,
कैसा ये …………………
जुड़ गया हूं,
मैं तुमसे,
इस कदर कि,
तेरी याद के बिना,
जो वक्त गुजरे,
वो पल भी,
लगता ज़ाया है,
कैसा ये …………………
जब ना मिला था तुमसे,
तब था मैं,
खुद से ही दूर,
तुमने ही मुझे,
खुद से मिलाया है,
कैसा ये …………………..

ये लम्हा ………………

ये लम्हा बीत ही जायेगा,
मस्ती भरा हर पल,
पीछे छूट जायेगा,
हसीन यादों का ये लम्हा,
हमारे दु:खो की,
अँधेरी रात में,
जुगनू बन के जगमगायेगा,
ये लम्हा ……………………..
खुशनुमा लम्हों का ये समां,
हमे गम में भी हंसायेगा,
ये हसीं लम्हा ही,
गमों के साये में,
खुशियों की बारिशें बरसायेगा,
ये लम्हा …………………….
हम जब भी होंगे तन्हा,
इन यादों को,
याद कर ही लेंगे,
आँसुओं को आँखों में छुपाकर,
होंठों को मुस्कान से,
तर कर ही लेंगें,
ये पल हमारी यादों को,
खुशबू से महकायेगा,
ये लम्हा …………………….
चाहे ज़िंदगी में कितने भी,
दु:ख क्यों न आये,
पर मन इस लम्हे को,
याद करके फिर से मुस्कुरायेगा,
ये लम्हा ……………………….

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