तू मेरी ………..

तू मेरी ज़िन्दगी का,
हर पल है,
तुमसे ही आज,
तू ही मेरा कल है,
मैं हूं समन्दर,
तू जल है,
ज़िन्दगी नहीं है आसान,
तेरे बिन,
मेरी ज़िन्दगी है मुश्किल,
तू उस का हल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी है सागर का साज,
मैं हूं तैरता जहाज,
तू साहिल है,
तेरी बातें,
हिलोरें मारती लहर है,
तू करती कल-कल है,
तू मेरी ……………………..
ज़िन्दगी में मेरी,
तूने मचायी हल-चल है,
तेरे साथ ही,
मेरा जीवन सफल है,
तू मेरी ……………………..

ज़िन्दगी ………….. एक इम्तेहान

ज़िन्दगी एक इम्तेहान है,
यहाँ हर बार,
कसौटी पर खरा उतरना,
बड़ मुश्किल काम है,
पर हिम्मत से,
हर मुश्किल भी आसान है,
ज़िन्दगी ……………………….
हर कदम पर है दिक्कतें,
हर डगर पर है रुकावटें,
काम अगर सच्चे,
मन से करो,
तो सब परेशानियां,
लगती बड़ी कामरान है,
ज़िन्दगी ……………………….
मिट्टी से बना है इन्सान,
मिट्टी में ही मिल जायेगा,
कुदरत के सामने,
इन्सान की औकात कुछ नहीं,
फिर भी इंसान समझता,
खुद को बड़ा धनवान है,
ज़िन्दगी ……………………….
नाम में क्या रखा है,
दुनिया में काम ही,
इन्सान की पहचान है,
ये बात जानते हुये भी,
इन्सान नाम के लिये,
करता खुद को परेशान है,
ज़िन्दगी ……………………….

चले गये …….

चले गए वो तो,
अब क्यों आये हो,
तुम कहने को ही,
हो अपने,
यूं तो पराये हो,
जब मुश्किल थी,
तब साथ,
न दिया किसी ने,
न ली किसी ने खबर,
हालात हो गए थे,
जब ज़िन्दगी के,
बद से बदतर,
तब थे कहां,
अब क्या यहां,
मुंह दिखाने आये हो,
चले गये वो तो ……………………
पहले नहीं था,
ज्यादा पता मुझे,
जमाने के बारे में,
तुम ही मुझे,
दुनिया का सही रूप,
दिखाये हो,
चले गये वो तो ……………………

चले गये ……..

चले गए वो तो,
अब क्यों आये हो,
तुम कहने को ही,
हो अपने,
यूं तो पराये हो,
जब मुश्किल थी,
तब साथ,
न दिया किसी ने,
न ली किसी ने खबर,
हालात हो गए थे,
जब ज़िन्दगी के,
बद से बदतर,
तब थे कहां,
अब क्या यहां,
मुंह दिखाने आये हो,
चले गये वो तो ……………………
पहले नहीं था,
ज्यादा पता मुझे,
जमाने के बारे में,
तुम ही मुझे,
दुनिया का सही रूप,
दिखाये हो,
चले गये वो तो ……………………

जिस दिन …………..

जिस दिन,
तुमसे बात न हो,
वो दिन मुश्किल से,
गुजरता है,
तू है नशा,
मेरे लिये,
रोज लेना पड़ता है,
तू है तलब मेरी,
तुम बिन मैं,
तड़पता हूं,
बिना तेरे,
जिस्म में मेरे,
खून भी,
अपनी राहों से,
भटकता है,
जिस दिन…………….
मेरे दिल को ही,
है पता,
कि तुमसे दूरी,
ये कैसे सहता है,
एक दिन हम,
हो जाएंगें एक,
ये मेरा दिल कहता है,
जिस दिन……………..

लापता …………….

लापता हो गया है मेरा दिल,
ढूँढने निकल पड़ा है मंजिल,
तेरी यादों के घेरे ने,
जकड़ रखा है मुझे,
इन यादों से निकलने में,
दिल को होती है,
बड़ी मुश्किल,
लापता ………………………
ज़िन्दगी की हिचकोले खाती,
डूबती हुई नाव,
ढूँढने लगी है साहिल,
अब ज़िंदगी के सफर पर,
तू मुझसे आकर कहीं मिल,
लापता ………………………….
दिल मेरा कहीं,
लगता ही नहीं,
दिल की बाते भी,
दिमाग के बस में है नहीं,
तु बस गयी है,
दिल में,
अजीब बातें होने लगी है,
दिल के साथ आज-कल,
लापता …………………………
अब ना दिल पर,
जोर है,
ना दिमाग पर काबू है मेरा,
मस्ती में खोया हुआ चलता हूँ,
तो लोग कहते हैं मुझे,
आवारा, दीवाना, पागल,
लापता ……………………………..

हिम्मत …………….

हिम्मत करने वालों की,
हार नहीं होती,
बिना तैरे नदियां,
पार नहीं होती,
डट जायेगा अगर तू,
तो ज़माना भी झुक जायेगा,
पीछे हटने वालों की,
जमाने में बात नहीं होती,
हिम्मत ………………….
जो तू जोश से आगे बढ़ेगा,
तो दुनिया भी,
तेरे साथ चल पड़ेगी,
लड़  जायेगा अगर तु,
मुश्किलो से,
तो हर दीवार,
टूट कर गिर पड़ेगी,
जब तू मुश्किलों को हरा देगा,
तो जमाने में तेरी ही बात होगी,
हार मानने वालों की,
दुनिया में बात नहीं होती,
हिम्मत …………………..
जब तू कोई अलग,
राह चुन लेगा,
जमाने में कोई,
तेरा साथ न देगा,
तो चुपचाप ही,
अपनी राह पर,
चलता जाना,
तु एक दिन अपनी,
मंजिल पा ही लेगा,
हिम्मत से तो तू एक दिन,
कामयाबी के कदम,
चूम ही लेगा,
जब तू कामयाब हो जायेगा,
तो दुनिया में,
तेरी ही बात होगी,
सही राह से,
पीछे हटने वालों की
जगत में बात नहीं होती,
हिम्मत करने वालो की,
हार नहीं होती ……………….

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